डिण्डौरी। छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत के बाद डिण्डौरी जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स, क्लिनिक, झोला छाप डॉक्टरों (बिना लाइसेंस वाले चिकित्सक) और सरकारी आपूर्ति केंद्रों में प्रतिबंधित और अमानक सिरप की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, निरीक्षण के लिए एक अधिकारी टीम का गठन किया गया है। यह टीम प्रतिबंधित सिरप और अमानक स्टॉक की गुणवत्ता की जांच करेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और प्रतिदिन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।
तहसीलवार बनाई गई टीम
डिण्डौरी में निरीक्षण के लिए गठित टीम में एसडीएम भारती मेरावी, तहसीलदार डिण्डौरी आरपी मार्को, नायब तहसीलदार शाहपुर शशांक शेण्डे, , नायब तहसीलदार अमरपुर आशुतोष मिश्रा, नायब तहसीलदार समनापुर सुकमान कुलेश, औषधि निरीक्षक दिव्यांश कमल नामदेव, खाद्य निरीक्षक आकाश तुरकर और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी फूलचंद बरकड़े शामिल हैं। इसी तरह शहपुरा में एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार शहपुरा सुंदरलाल यादव, नायब तहसीलदार मेहंदवानी तेजलाल धुर्वे, औषधि निरीक्षक दिव्यांश कमल नामदेव, खाद्य निरीक्षक जयंत असराटी और वरिष्ट कृषि विस्तार अधिकारी गुमान सिंह चौहान निरीक्षण करेंगे और बजाग में एसडीएम रामबाबू देवांगन, तहसीलदार बजाग भरत सिंह बट्टे, नायब तहसीलदार करंजिया शैलेश गौर, औषधि निरीक्षक दिव्यांश कमल नामदेव, खाद्य निरीक्षक शमीम खान और वरिष्ट कृषि विस्तार अधिकारी शशि मरकाम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।









